Deoria – जेल से 2022 से भागा आरोपी, गुजरात से गिरफ्तार

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Published on: 05-10-2025

बिल्कुल — नीचे देवरिया जेल से फरार आरोपी (नाबालिग से दुष्कर्म/POCSO केस में आरोपित) अमन पांडेय की घटना का पूरा और साफ-सुथरा विवरण आपके लिए हिन्दी में, मेरे अपने शब्दों में (बिना किसी कॉपीराइट टेक्स्ट) दिया जा रहा है।

मुख्य बिंदु — संक्षेप

  1. आरोपी: अमन पांडेय (पुत्र उपेन्द्र पांडेय), बरईपुर (थाना रामपुर कारखाना, देवरिया) निवासी।
  2. आरोप: नाबालिग से दुष्कर्म/अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ (POCSO/रेप से संबंधित)।
  3. जेल से फरार होने की तारीख: 29 दिसंबर 2022 (देवरिया जिला कारागार से)।
  4. गिरफ्तारी: गुजरात, सूरत (Shiv Shakti Society, Bhathena / Udhna क्षेत्र) से, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (वाराणसी यूनिट) ने उसे पकड़ा। गिरफ्तारी अगस्त 2025 में हुई — बाद में ट्रांज़िट रिमांड पर देवरिया/यूपी भेजे जाने की प्रक्रियाएँ शुरू हुईं।

🔎 घटना का पूरा क्रम (टाइमलाइन)

  1. जेल से भागना (दिसंबर 2022):
    अमन पांडेय को देवरिया जेल में नाबालिग से जुड़ा मामला दर्ज होने के बाद बंदी के रूप में रखा गया था। बंदी-भेजना के दिन-चर्या के दौरान उस समय आएज़ात मिलने वालों की भीड़ का फायदा उठाकर वह जेल क्षेत्र से बाहर निकल गया — रिपोर्टों में बताया गया कि उसने किसी रिश्तेदार के रूप में बन-बनाकर भीड़ में मिलकर भागने का रास्ता निकाला। इसका खुलासा होने पर जेल प्रशासन ने कुछ कर्मचारियों/गार्ड्स के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई भी की थी।
  2. फरार रहने का समय:
    फरार रहने के दौरान वह लगातार जगह-बदल रहा था। रिपोर्ट कहती हैं कि उसने अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदले — वारानसी, दिल्ली, अमृतसर जैसी जगहों से गुजरने के बाद वह सूरत में छिपा रहा और वहीं एक नकली/छद्म पहचान पर रह रहा था। यह छिपाव-रणनीति पुलिस की तलाश कठिन करती रही।
  3. खोज-खबर और सुराग:
    उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), विशेषकर वाराणसी फील्ड यूनिट ने समय-समय पर इंटेलिजेंस एकत्र किया। स्थानीय जांच और इनपुट के आधार पर उसके सूरत में ठिकाने का पता चला।
  4. अंतिम गिरफ्तारी (अगस्त 2025):
    13 अगस्त (रिपोर्ट के अनुसार) 2025 को वाराणसी-एसटीएफ की टीम ने सूरत के उधना क्षेत्र- Shiv Shakti Society से उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांज़िट रिमांड कराके यूपी भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई।

🚔 अधिकारी क्या कह रहे हैं (संक्षेप में)

  • STF ने बताया कि आरोपी ने छद्म परिचय और अक्सर स्थान बदलकर पुलिस की नज़र से बचने की कोशिश की।
  • गिरफ्तारी के पीछे जुटाई गई चिन्ह-सूचनाएँ और सतर्क सर्वे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  • अब आरोपी को यूपी के समक्ष ट्रान्ज़िट रिमांड लेकर पेश किया जाएगा और बाद में उसे देवरिया के कोर्ट/जेल के हवाले किया जाएगा ताकि फरार होने के समय दर्ज मामलों पर आगे की कानूनी कार्रवाई हो सके।

⚖️ क्या उम्मीद रखें — अगला कदम

  1. सूरत से यूपी ट्रांज़िट रिमांड के बाद आरोपी को देवरिया लौटाकर वहाँ के मुकदमों में दुबारा जेल में रखा जाएगा।
  2. 2022 में जेल से भागने के सिलसिले में जेल प्रशासन/गार्ड्स पर हुई निलंबन/कार्रवाई के हवाले से भी जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है।

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