बिल्कुल — नीचे देवरिया जेल से फरार आरोपी (नाबालिग से दुष्कर्म/POCSO केस में आरोपित) अमन पांडेय की घटना का पूरा और साफ-सुथरा विवरण आपके लिए हिन्दी में, मेरे अपने शब्दों में (बिना किसी कॉपीराइट टेक्स्ट) दिया जा रहा है।
मुख्य बिंदु — संक्षेप
- आरोपी: अमन पांडेय (पुत्र उपेन्द्र पांडेय), बरईपुर (थाना रामपुर कारखाना, देवरिया) निवासी।
- आरोप: नाबालिग से दुष्कर्म/अपहरण जैसी गंभीर धाराएँ (POCSO/रेप से संबंधित)।
- जेल से फरार होने की तारीख: 29 दिसंबर 2022 (देवरिया जिला कारागार से)।
- गिरफ्तारी: गुजरात, सूरत (Shiv Shakti Society, Bhathena / Udhna क्षेत्र) से, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (वाराणसी यूनिट) ने उसे पकड़ा। गिरफ्तारी अगस्त 2025 में हुई — बाद में ट्रांज़िट रिमांड पर देवरिया/यूपी भेजे जाने की प्रक्रियाएँ शुरू हुईं।
🔎 घटना का पूरा क्रम (टाइमलाइन)
- जेल से भागना (दिसंबर 2022):
अमन पांडेय को देवरिया जेल में नाबालिग से जुड़ा मामला दर्ज होने के बाद बंदी के रूप में रखा गया था। बंदी-भेजना के दिन-चर्या के दौरान उस समय आएज़ात मिलने वालों की भीड़ का फायदा उठाकर वह जेल क्षेत्र से बाहर निकल गया — रिपोर्टों में बताया गया कि उसने किसी रिश्तेदार के रूप में बन-बनाकर भीड़ में मिलकर भागने का रास्ता निकाला। इसका खुलासा होने पर जेल प्रशासन ने कुछ कर्मचारियों/गार्ड्स के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई भी की थी। - फरार रहने का समय:
फरार रहने के दौरान वह लगातार जगह-बदल रहा था। रिपोर्ट कहती हैं कि उसने अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदले — वारानसी, दिल्ली, अमृतसर जैसी जगहों से गुजरने के बाद वह सूरत में छिपा रहा और वहीं एक नकली/छद्म पहचान पर रह रहा था। यह छिपाव-रणनीति पुलिस की तलाश कठिन करती रही। - खोज-खबर और सुराग:
उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), विशेषकर वाराणसी फील्ड यूनिट ने समय-समय पर इंटेलिजेंस एकत्र किया। स्थानीय जांच और इनपुट के आधार पर उसके सूरत में ठिकाने का पता चला। - अंतिम गिरफ्तारी (अगस्त 2025):
13 अगस्त (रिपोर्ट के अनुसार) 2025 को वाराणसी-एसटीएफ की टीम ने सूरत के उधना क्षेत्र- Shiv Shakti Society से उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांज़िट रिमांड कराके यूपी भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई।
🚔 अधिकारी क्या कह रहे हैं (संक्षेप में)
- STF ने बताया कि आरोपी ने छद्म परिचय और अक्सर स्थान बदलकर पुलिस की नज़र से बचने की कोशिश की।
- गिरफ्तारी के पीछे जुटाई गई चिन्ह-सूचनाएँ और सतर्क सर्वे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- अब आरोपी को यूपी के समक्ष ट्रान्ज़िट रिमांड लेकर पेश किया जाएगा और बाद में उसे देवरिया के कोर्ट/जेल के हवाले किया जाएगा ताकि फरार होने के समय दर्ज मामलों पर आगे की कानूनी कार्रवाई हो सके।
⚖️ क्या उम्मीद रखें — अगला कदम
- सूरत से यूपी ट्रांज़िट रिमांड के बाद आरोपी को देवरिया लौटाकर वहाँ के मुकदमों में दुबारा जेल में रखा जाएगा।
- 2022 में जेल से भागने के सिलसिले में जेल प्रशासन/गार्ड्स पर हुई निलंबन/कार्रवाई के हवाले से भी जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है।
